जल-जीवन-हरियाली यात्रा के दौरान पूर्वी चम्पारण में 1042 करोड़ रुपए की 589 विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार

By Satish (Admin)
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जल-जीवन-हरियाली अभियान, पूर्वी चंपारण

हम जब भी कोई नया निर्णय लेते हैं तो उसके क्रियान्वयन के लिये समीक्षा एवं अपनी यात्रा की शुरुआत कर लोगों की राय लेते हैं :- मुख्यमंत्री

पटना | (04 दिसम्बर, 2019) मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज जल-जीवन-हरियाली यात्रा के दूसरे दिन जागरूकता सम्मेलन में 1042 करोड़ रुपये की लागत वाले 589 विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास रिमोट के माध्यम से शीलापट्ट का अनावरण कर किया। पूर्वी चंपारण के अरेराज प्रखंड मुख्यालय स्थित महंत शिवशंकर गिरि महाविद्यालय स्टेडियम में आयोजित जागरूकता सम्मेलन में मुख्यमंत्री को पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त श्री पंकज कुमार ने उनका अभिनंदन किया। दीप प्रज्वलित कर जागरूकता सम्मेलन का मुख्यमंत्री ने विधिवत उद्घाटन किया। स्थानीय नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को गुलदस्ता अंगवस्त्र एवं माला पहनाकर उनका स्वागत किया। जल-जीवन-हरियाली अभियान एवं पूर्वी चंपारण से जुड़ी विकासात्मक योजनाओं से संबंधित पुस्तिका का मुख्यमंत्री ने विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने विवाह सहायता अनुदान, स्टूडेंट क्रेडिट, कार्ड योजना के लाभार्थियों को लाभ एवं 518 जीविका समूहों को 7 करोड़ 77 लाख रुपये का चेक प्रदान किया।

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उद्घाटन एवं शिलान्यास कार्यक्रम

सम्मेलन से पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रखंड सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र अरेराज एवं विश्व बैंक संपोषित बिहार समेकित सामाजिक सुरक्षा सुदृढ़ीकरण परियोजना अंतर्गत वृद्धजनों, दिव्यांगजनों एवं विधवाओ हेतु सामाजिक सुरक्षा एवं देखभाल केंद्र (बुनियादी केंद्र) का उद्घाटन शीलापट्ट का अनावरण कर किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इन केंद्रों का मुआयना किया। मुख्यमंत्री ने जल-जीवन-हरियाली उद्यान का भी उद्घाटन किया एवं परिसर में वृक्षारोपण किया। अनुमंडल कार्यालय अरेराज के समक्ष ड्रिप सिंचाई प्रणाली के तहत शुरू की गई फूलों को खेती का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण कर कृषि विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सबसे पहले कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का हृदय से अभिनंदन करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि आप सबके बीच उपस्थित होकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। आपने जब से हमें काम करने का मौका दिया है, तब से हमने न्याय के साथ विकास का काम करते हुए हाशिये पर खड़े सर्व समुदाय के लोगों के उत्थान हेतु विशेष काम किया है। हमने बिहार में कानून का राज कायम किया है। पहले चंपारण की क्या स्थिति थी। बिहार के हर इलाके का न सिर्फ विकास हुआ है बल्कि प्रति व्यक्ति आय और बिहार का बजट भी बढ़ा हैं। बिहार के हर गांव और उसके टोलों को पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा है। यही नहीं बिहार के सुदूर इलाके से 5 घंटे में लोग पटना पहुंच सके, इस लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज इस सम्मेलन के माध्यम से भी 827 करोड़ रुपये की लागत वाले लड़कों का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने हर यात्रा की शुरुआत चंपारण से की है। इस धरती का काफी महत्व है। 1917 में बापू ने इसी चंपारण से सत्याग्रह की शुरुआत की, इसके 30 साल के अंदर ही देश आजाद हो गया। हम जब भी कोई नया निर्णय लेते हैं तो उसके क्रियान्वयन के लिए समीक्षा एवं अपनी यात्रा की शुरुआत कर लोगों की राय लेते हैं ताकि उसे सही रूप में लागू किया जा सके। चंपारण के प्रति हमारे मन में श्रद्धा का भाव है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और मौसम में बदलाव के कारण बिहार कभी बाढ़ से तो कभी सुखाड़ का दंस झेल रहा है। 2018 में बिहार के सभी 538 प्रखंडों में से 280 ब्लॉकों को सूखाग्रस्त घोषित करना पड़ा। जलवायु परिवर्तन के कारण पर्यावरण में आए बदलाव को देखते हुए हमने इस वर्ष 13 जुलाई को विधानमंडल सदस्यों की एक संयुक्त बैठक बुलाई जो आठ घंटे तक चली। बैठक में हम लोगों ने पूरे बिहार में जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाने का निर्णय लिया। इस अभियान में जलवायु के अनुकूल कृषि कार्यक्रम को भी जोड़ा गया। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत अगले 3 वर्षों में 24500 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर 11 सूत्री कार्यक्रम को मिशन मोड में पूरा किया जाना है ताकि जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न संकट से लोगों को निजात दिलाया जा सके। इसके लिए सोखते का निर्माण, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण, आहर-पईन, तलाब, सार्वजनिक कुंओ, नलकूप का जीर्णोद्धार करने के साथ ही उसे अतिक्रमणमुक्ति कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बिहार में 15 जून से ही मानसून की शुरुआत हो जाती थी और औसतन 1200 से 1500 मिलीमीटर वर्षापात हुआ करता था लेकिन पिछले तीस साल के वर्षापात का अगर रिकॉर्ड देखें तो औसत 1500 मिलीमीटर से घटकर वर्षापात 1017 मिलीमीटर तक पहुंच गया है। वहीं विगत 13 वर्षों के वर्षापात के आंकड़ों को देखें तो बिहार में औसतन वर्षापात घटकर 901 मिलीमीटर पर पहुंच गया है। इस वर्ष भूजल स्तर दक्षिण बिहार के साथ-साथ उत्तर बिहार के दरभंगा में भी काफी नीचे चला गया है। दुनिया के कई देशों में जल की समस्या उत्पन्न हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले रोहतास और कैमूर के इलाके में ही खेतों में फसल अवशेष जलाए जाते थे लेकिन अब यह सिलसिला पटना, नालंदा होते हुए नार्थ बिहार चंपारण और पूर्णिया के इलाके में भी पहुंच गया है, जो बहुत ही खतरनाक है। खेतों में फसल अवशेष जलाए जाने की परंपरा पर पाबंदी लगाने के लिए लोगों को प्रेरित करने के साथ-साथ हम लोग किसानों की मदद भी करेंगे। उन्होंने कहा कि फसल कटाई के वक्त खेतों में फसलों का अवशेष नहीं रहे इसके लिए रोटरी मल्चर, स्ट्रा रिपर, स्ट्रा बेलर एवं रीपर कम बाइंडर जैसे यंत्रों की खरीद पर राज्य सरकार किसानों को 75 प्रतिशत जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अति पिछड़ा समुदाय के किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान मुहैया करा रही है। अगर जरूरत पड़ी तो अनुदान की राशि बढ़ाई जाएगी। लोगों को अपनी मानसिकता बदल कर फसल कटाई के लिए यंत्रों का उपयोग में लाना होगा ताकि फसल अवशेष को पशुचारे में परिणत किया जा सके। हमने सबसे काम संभाला है दूध के उत्पादन में 4 गुना तक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि खेतों में फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वराशक्ति कम हो जाती है। फसल अवशेष प्रबंधन को भी जल-जीवन-हरियाली अभियान से जोड़ा गया है। इससे जलवायु परिवर्तन बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि खेतों में बुवाई के लिए हैपपी सीडर और जीरो टिलेज मशीन की खरीद पर 80 प्रतिशत तक अनुदान देने की व्यवस्था है, इस यंत्रों का इस्तेमाल करने से कृषि में पानी के इस्तेमाल से भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को प्रेरित करके ही जलवायु परिवर्तन के खतरों से कुछ हद तक निपटा जा सकता है। बिहार के ग्रामीण अंचल में 89 प्रतिशत लोग निवास करते हैं और 76 प्रतिशत लोग जीवनोपार्जन के लिए खेती पर ही निर्भर हैं। मौसम के अनुकूल फसल चक्र में बदलाव लाने के लिए प्रयोग के तौर पर 8 जिलों को अनुसंधान का काम शुरू कराया गया है, जिसे बाद में पूरे बिहार में लागू किया जाएगा ताकि किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर तक बिजली पहुंचाने के बाद अब कृषि फीडर के माध्यम से हर एक किसान को 75 पैसे प्रति यूनिट की दर पर सिंचाई के लिए बिजली मुहैया कराई जा रही है। इस साल के अंत तक सभी जर्जर तार भी बदल दी जाएंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड अलग होने के बाद बिहार में हरित आवरण क्षेत्र मात्र 9 प्रतिशत ही रह गया था। वर्ष 2012 से हरियाली मिशन के तहत पूरे बिहार में 19 करोड़ पौधे लगाए गए हैं, इसके बाद बिहार का ग्रीन कवर एरिया बढ़कर 15 प्रतिशत पर पहुंच गया है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 8 करोड़ पौधे और लगाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले साल चुनाव में जाने से पहले पूरे बिहार में हर घर तक नल का जल उपलब्ध करा देंगे। नल का जल शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल है इसलिए इसका दूसरे कामों में दुरुपयोग न करें। इससे भूजल स्तर नीचे चला जाएगा और एक समय ऐसा आएगा कि भूजल खत्म हो जाएगा। शौचालय निर्माण का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। लोगों को खुले में शौच से मुक्त और पीने का अगर स्वच्छ पानी मिल जाए तो 90 प्रतिशत बीमारियों से उन्हें छुटकारा मिल जाएगा। मेरा काम है आपकी सेवा करने के साथ ही आपको जागृत करना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर एक परिवार तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य हमने दिसंबर 2018 तक निर्धारित किया था, जिसे तय समय सीमा से 2 माह पहले ही पहुंचाया दिया गया। हर घर बिजली योजना को अपनाए जाने के साथ-साथ अब केंद्र ने भी वर्ष 2024 तक हर घर जल का नल का जल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा ही अक्षय ऊर्जा है, जो हमें पृथ्वी की अस्तित्व बरकरार रहने तक सदैव मिलता रहेगा, ग्रिड के माध्यम से हम जो बिजली पहुंचा रहे हैं, उसकी एक समय सीमा है क्योंकि कोयले का सीमित भंडार है इसलिए सौर ऊर्जा के प्रति हमलोग लोगों को प्रेरित करेंगे क्योंकि सही मायने में सौर ऊर्जा ही असली ऊर्जा है जो सदैव लोगों को मिलता रहेगा। इसके लिए सबसे पहले सभी सरकारी भवनों पर सोलर प्लेट लगाने के बाद लोगों को अपने अपने घरों पर सोलर प्लेट लगाने के लिए हमलोग प्रेरित करेंगे। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब पीने के कारण दुनिया भर में मरने वालों की संख्या प्रतिवर्ष 30 लाख हैं। दुनियाभर में जितनी मौतें होती है जिसमें 15.3 प्रतिशत शराब पीने के कारण हुआ करती है। शराब सेवन के कारण दुनिया भर में 18 प्रतिशत आत्महत्या, 18 प्रतिशत आपसी झगड़े, 27 प्रतिशत सड़क दुर्घटना, 48 प्रतिशत लिवर की बीमारी हुआ करती है।

जनसभा में उपस्थित लोगों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से बचने एवं पर्यावरण को ठीक रखने के लिए हमें काम करना चाहिए। सात निश्चय के अलावा अन्य योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण सहित सभी क्षेत्रों में विकास का काम किया जा रहा है। वर्ष 2017 में शराब बंदी के पक्ष में जबकि 2018 में बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ हम लोग मानव श्रृंखला बना चुके हैं। अब हम एक बार फिर 9 जनवरी 2020 को दिन के साढ़े 11 बजे आधे घंटे के लिए दहेज प्रथा के खिलाफ, जब शराबबंदी और जल-जीवन-हरियाली अभियान को लेकर मानव श्रृंखला बनाने का कार्यक्रम सुनिश्चित किया गया है, आप सभी की भागीदारी से इस बार बनने वाली मानव श्रृंखला पूर्व में बने सभी मानव श्रृंखला के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगी।

मुख्यमंत्री की अपील पर जनसभा में मौजूद लोगों ने हाथ उठाकर मानव श्रृंखला में शामिल होने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि जल महत्वपूर्ण हैं यह लोगों को समझना होगा क्योंकि जल और हरियाली के बीच ही जीवन है। जलवायु परिवर्तन में सुधार, पर्यावरण संकट से छुटकारा एवं सामाजिक जागृति लाना ही जल-जीवन-हरियाली अभियान का मकसद है। मनुष्य को यदि अपना और पशु पक्षियों का जीवन बचाना है तो जल के साथ-साथ हरियाली को बचाने के लिए भी सचेत और जागरूक होना पड़ेगा। जनसभा में मौजूद लोगों से मुख्यमंत्री ने आपस में भाईचारा एवं सद्भाव का माहौल कायम रखते हुए पृथ्वी के संरक्षण और अपने जीवन की रक्षा के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया।

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जनसभा को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री

जनसभा को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री श्री विनोद नारायण झा, कला संस्कृति मंत्री श्री प्रमोद कुमार, सहकारिता मंत्री श्री राणा रणबीर सिंह, विधायक श्री राजीव तिवारी, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक श्री गुरुदेव गुप्तेश्वर पाण्डेय एवं तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त श्री पंकज कुमार ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर विधायक श्री सचीन्द्र प्रसाद सिंह, विधायक श्री लालू गुप्ता, विधायक पार्षद श्री सतीश कुमार, विधायक पार्षद श्री वीरेंद्र नारायण यादव, विधायक पार्षद श्री खालिद अनवर, विधायक पार्षद श्री बबलू गुप्ता, पूर्व विधायक मंत्री अवधेश कुशवाहा, पूर्व विधायक श्री महेश्वर सिंह, जदयू जिलाध्यक्ष श्री भुवन पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री सुनील मणि त्रिपाठी, लोजपा जिलाध्यक्ष रणधीर मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री अरविंद कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, चंपारण रेंज के डीआईजी श्री ललन मोहन प्रसाद, जल-जीवन-हरियाली मिशन के निर्देशक श्री राजीव रौशन, जिलाधिकारी श्री रमन कुमार, पुलिस अधीक्षक उपेंद्र कुमार शर्मा सहित अन्य अधिकारीगण, जीविका की दीदियां एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
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