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कोरोना से डरे नहीं, सजग और जागरूक रहें – मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार, बिहार

16 मार्च, 2020 को मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार, बिहार द्वारा विधान सभा / विधान परिषद में नोवेल कोरोना वायरस – Coronavirus disease (COVID-19) के संक्रमण के संबंध में वक्तव्य

नोवेल कोरोना वायरस (Novel Coronavirus) का संकमण आज पूरे विश्व के लिए महामारी ( Pandemic ) बन चुका है । इसकी शुरूआत चीन के वुहान शहर से दिसम्बर , 2019 में हुई थी । आज 148 से अधिक देश इसकी चपेट में आ चुके हैं । 16 मार्च 10 बजे पूर्वाहन तक पूरे विश्व में 1 लाख 69 हजार 387 लोग कोरोना वायरस से संकमित पाये गये हैं जिसमें से 6513 व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है । अकेले चीन में 81 हजार 20 लोग कोरोना वायरस/Coronavirus disease (COVID-19) से संकमित हुए और उनमें से 3217 लोगों की मृत्यु हुई है । ईटली , फांस , अमेरिका , जर्मनी , स्पेन आदि देशों में भी इसका संक्रमण काफी तेजी से फैला है । विभिन्न देशों में कोरोना वायरस/Coronavirus (COVID-19) के संक्रमण के अनुभवों से यह पता चला है कि जिन देशों में पूरी तरह से लॉक डाऊन ( जन आवागमन / सामुहिक गतिविधियों पर प्रतिबंध ) की प्रक्रिया अपनाई गई तथा लोगों को अपने घरों में रहने के लिए निदेशित किया उन्होंने यथा ताईवान , हांगकांग , सिंगापुर , थाईलैंड इत्यादि ने इसके सक्रमण को नियंत्रित करने में सफलता पाई है । यह बात अब स्पष्ट हो गई है कि इसके संक्रमण को रोकने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका Social Distancing ( सामाजिक एवं आपसी दूरी को बनाकर रखना ) है । बिहार सीमावर्ती राज्य उत्तर प्रदेश तथा सीमावर्ती देश नेपाल में इस रोग के केश प्रतिवेदित हो चुके हैं । साथ ही राज्य के कई जिलों से विदेशों में लोगों का आना जाना लगातार होता रहता है जिससे यहाँ भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है।

यह रोग सामान्य वायरल इंफेक्शन की तरह खांसने एवं छिंकने से ड्रॉपलेट्स ( थूक की महीन बूंदें ) के माध्यम से फैलता है । यदि संक्रमित व्यक्ति से कोई हाथ मिला ले अथवा उसके पास नजदीक में रहे तो उनमें भी संक्रमण होने का खतरा रहता है । यदि रोगी से निकले हुए ड्रॉपलेट्स किसी व्यक्ति के हाथ में लग जाए और वह व्यक्ति अपने हाथ से मुँह , नाक अथवा आँख को छू ले तो उस व्यक्ति को भी संक्रमण हो सकता है । अतः व्यक्तिगत बचाव के लिए यह आवश्यक है कि किसी भी व्यक्ति से 2 मीटर की दूरी बनाके रखी जाए . अपने हाँथों को साबुन से 20 सेकेन्ड तक रगड़ – रगड़ कर धोया जाए और खाँसते समय मुँह पर रूमाल रखा जाए । साथ ही किसी भी भीड़ वाले स्थान यथा सामुदायिक समारोह ( शादी , जन्मदिवस , पार्टी , त्योहार , बैठक , अन्य आयोजनों इत्यादि ) , सामुदायिक स्थलों ( स्कूल , कॉलेज , मार्केट्स , सिनेमा हॉल , पार्क , मॉल , सामुदायिक भवन इत्यादि ) पर जाने से बचा जाए । साथ ही जहाँ तक संभव हो अनावश्यक यात्रा न किया जाए । Social Distancing का यही अभिप्राय है । मास्क के प्रयोग के बिन्दु पर विशेषज्ञों की राय है कि स्वस्थ व्यक्तियों को मास्क पहनने की कोई आवश्यकता नहीं है । मास्क उनके लिए है जो संकमित हों या वैसे स्वास्थ्य कर्मियों के लिए जो उनका उपचार कर रहे हैं । यदि मास्क का प्रयोग किया जाता है तो उसके निस्तारण के प्रति भी हमें सजग रहना पड़ेगा । सामान्यतः एक मास्क का प्रयोग 6 – 8 घंटे के लिए किया जा सकता है तथा इस्तेमाल के उपरान्त उसे जला देना या गहरे भूमिगत गड्ढे में निस्तारण करना उपयुक्त होगा तभी हम संकमण से बच सकेंगे।

राज्य सरकार ने कोरोना वायरस/Coronavirus disease (COVID-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी विद्यालय , महाविद्यालय , विश्वविद्यालय प्राईवेट सहित , कोचिंग संस्थान , आँगनवाड़ी केन्द्र , सरकारी पार्क , चिड़ियाघर इत्यादि के साथ राज्य के सभी सिनेमा हॉल एवं संग्रहालयों को 31 . 03 . 2020 तक बंद करने का निर्णय लिया है । मध्याह्न भोजन एवं आँगनवाड़ी में मिलने वाले भोजन के स्थान पर राशि छात्रों / अभिभावकों के खाते में देने का निर्णय लिया गया है । साथ ही सभी प्रकार के सरकारी आयोजनों को स्थगित कर दिया गया है । कोरोना वायरस संक्रमण/Coronavirus disease (COVID-19) की जाँच की व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है तथा इसके उपचार के लिए अतिरिक्त वेंटिलेटर्स , आइसोलेशन वार्ड इत्यादि की व्यवस्था की गई है । स्वास्थ्य विभाग के द्वारा संक्रमण के रोकथाम के लिए तथा ईलाज के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है । सभी जिला अस्पतालों एवं चिकित्सा महाविद्यालय अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड का निर्माण किया गया है तथा चिकित्सा महाविद्यालय अस्पतालों में वेंटिलेटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है । मैंने स्वास्थ्य विभाग को 100 अतिरिक्त वेंटिलेटर्स के स्थापना किए जाने का निर्देश दिया है । साथ ही पटना एवं गया हवाई अड्डे पर प्रभावित देशों से आ रहे यात्रियों की सघन स्क्रीनिंग की जा रही है । बिहार और नेपाल की सीमा पर भी 49 स्थानों पर आ रहे यात्रियों की लगातार स्क्रीनिंग की जा रही है ताकि हम संकमण से सुरक्षित रह सकें । सरकार के द्वारा प्रभावित देशों से आ रहे यात्रियों को Quarantine किए जाने की भी व्यवस्था की जा रही है । नोवेल कोरोना वायरस से संकमित मरीजों के ईलाज का पूरा खर्च का वहन मुख्य मंत्री चिकित्सा सहायता कोष से किया जाएगा । साथ ही यदि इस रोग से किसी की मृत्यु हो जाती है तो उनके निकटतम आश्रित को मुख्यमंत्री राहत कोष से 4 लाख रुपये की मदद दी जाएगी । सरकार के समूह ‘ ग ‘ एवं अवर्गीकृत कर्मियों को एक दिन बीच कर कार्यालय आने की व्यवस्था लागू की जा रही है ताकि कार्यालयों में एक साथ जुटाव न हो । शिक्षकों एवं सरकारी कर्मचारियों की भी इस बीमारी से बचाव के उपायों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा । इसके अतिरिक्त भविष्य में स्थिति को देखते हुए जो भी आवश्यक होगा उसके लिए निर्णय लिए जाएँगे । बिहार सरकार इस खतरे के प्रति पूरी तरह से सचेत है और इसके संक्रमण को रोकने के लिए लगातार आवश्यक कदम उठा रही है । कोरोना वायरस/Coronavirus disease (COVID-19) से लोगों को डरने की जरूरत नहीं है बल्कि इसके प्रति सजग एवं जागरूक रहने से ही लोग इससे अपना बचाव कर पायेंगे । हम सब मिलकर इस खतरे का सामना करेंगे।

Satish
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सतीश कुमार शर्मा ApnaLohara.Com नेटवर्क के संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ हैं। वह एक आदिवासी, भारतीय लोहार, लेखक, ब्लॉगर और सामाजिक कार्यकर्ता हैं।
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