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विश्व आदिवासी दिवस क्या है, कब है और क्यों मनाया जाता है?

जोहार साथियो, क्या आप जानना चाहते हैं कि “विश्व आदिवासी दिवस क्या है? Vishv Adivasi Divas, आदिवासी दिवस कब मनाया जाता है? 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस क्यों मनाया जाता है? 9 August Adivasi Divas तो बिल्कुल सही आर्टिकल पढ़ रहे हैं क्योंकि आपके मन में विश्व आदिवासी दिवस (International Tribal Day In Hindi) / अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस / अंतरराष्ट्रीय मूलवासी दिवस / विश्व मूलवासी दिवस से जुड़े जिनते भी सवाल है आज मैं इस आर्टिकल मैं बताने वाला हूँ। इसलिए ध्यान से इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़िए.

International Day of the World’s Indigenous Peoples in Hindi [विश्व के स्वदेशी लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस हिंदी में]

ध्यान रहे अंत तक आर्टिकल पढ़ना है क्योंकि आधी अधूरी जानकारी किसी काम का नही बल्कि कभी कभी बड़ी मुसीबत भी बन जाता है। अतः इस आर्टिकल को ध्यान से पूरी पढ़े और अपनी जानकारी को बढ़ाये। सबसे पहले वीडियो देखिये या पढ़िए – विश्व आदिवासी दिवस क्या है? Vishv Adivasi Divas In Hindi

Adivasi Divas

विश्व आदिवासी दिवस क्या है?

Vishv Adivasi Divas और आदिवासी दिवस कब मनाया जाता है?: प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को पूरी दुनिया में विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदाय सामुदायिक कार्यक्रम का आयोजन करते है। जिसमे अपने सभ्यताओं और रीति-रिवाजों के उत्सव के रूप में मनाते हुए सामूहिक रूप से खुशियों का इजहार करते हैं। आदिवासी समुदाय प्रकृति पूजक होते है। इन दिन खुशी के मौके पर प्रकृति में पाये जाने वाले सभी जीव, जंतु, पर्वत, नदियां, नाले, खेत, सूरज, चंद इत्यादि इन सभी की पूजा करते है। आदिवासी समुदाय मानते है कि प्रकृति की हर एक वस्‍तु में जीवन होता है।

इस दिन आदिवासी समुदाय के लोग अपने खेतों और घरों इत्यादि पर एक विशिष्‍ट प्रकार का झण्‍डा लगाते है, जिसमे सूरज, चांद, तारे इत्‍यादी सभी प्रतीक विद्यमान होते हैं और ये झण्‍डे सभी रंग के हो सकते है। किसी रंग विशेष से बंधे हुये नहीं होते है। आगे पढ़िए – 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस क्यों मनाया जाता है?

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9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस क्यों मनाया जाता है?

Vishva Aadivasi Divas Kab Manaya Jata Hai:- संयुक्त राष्ट्र संघ ने 9 अगस्त 1982 को आदिवासियों (Tribes) के हित में एक विशेष बैठक आयोजित की थी। तब से इस तारीख को जागरूकता बढ़ाने और दुनिया की स्वदेशी आबादी के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को “विश्व आदिवासी दिवस (World Tribal Day) मनाया जाता है। यह आयोजन उन उपलब्धियों और योगदानों को भी मान्यता देता है जो स्वदेशी लोग पर्यावरण संरक्षण जैसे विश्व के मुद्दों को बेहतर बनाने के लिए करते हैं। आगे पढ़िए – विश्व आदिवासी दिवस का इतिहास क्या है?

विश्व आदिवासी दिवस का इतिहास क्या है?

Vishv Adivasi Divas Ka Itihas Kya Hai: जब 21वीं सदी में संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO – United Nations Organisation) ने महसूस किया कि आदिवासी समुदाय (Tribal Community) उपेक्षा (Neglect), बेरोजगारी (unemployment) एवं बंधुआ बाल मजदूरी (bonded child labor) जैसी समस्याओं से ग्रसित है। तभी इस समस्याओं को सुलझाने, आदिवासियों के मानवाधिकारों को लागू करने और उनके संरक्षण (Protection) के लिए 1982 में एक कार्यदल का गठन किया गया था. इस कार्यदल का नाम UN Working Group on Indigenous Populations (UNWGIP) रखा गया था। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 9 अगस्त 1982 को आदिवासियों के हित में UNWGIP (यू. एन. डब्ल्यू. जी. ई. पी.) की पहली बैठक आयोजित की थी। 1993 में UNWGIP के 11वें अधिवेशन में संयुक्त राष्ट्र संघ आदिवासी समुदाय के संघर्ष की कहानियों और समस्याओं को संयुक्त राष्ट्र संघ ने महसूस किया।

इसके उपरांत 23 दिसंबर 1994 के संकल्प 49/214 द्वारा, संयुक्त राष्ट्र संघ ने निर्णय लिया कि विश्व के स्वदेशी लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस विश्व के स्वदेशी लोगों के अंतर्राष्ट्रीय दशक के दौरान हर साल 9 अगस्त को मनाया जाएगा। यह तारीख 1982 में मानवाधिकारों के संवर्धन और संरक्षण पर उप-आयोग की स्वदेशी आबादी पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह की पहली बैठक का दिन है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने उसी समय विश्व के सभी सदस्य देशों को प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस (International Tribal Day) मनाने का निर्देश दिया।

FAQ:-

  1. आदिवासी दिवस कब लागू हुआ?

    विश्व आदिवासी दिवस 23 दिसंबर 1994 को लागू हुआ।

  2. विश्व आदिवासी दिवस की थीम क्या था?

    1994 के विश्व आदिवासी दिवस का थीम – “दुनिया भर के लोगों को स्वदेशी लोगों के अधिकारों का संरक्षण और संवर्धन (Protection and Promotion of the Rights of Indigenous Peoples) पर संयुक्त राष्ट्र के संदेश को फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना था”

  3. विश्व आदिवासी दिवस 2021 की थीम क्या है?

    International Day of the World’s Indigenous Peoples 2021 (विश्व के स्वदेशी लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस 2021) संयुक्त राष्ट्र ने 2021 का थीम घोषित किया है – विश्व के स्वदेशी लोगों के अंतर्राष्ट्रीय दिवस का 2021 का स्मरणोत्सव “किसी को पीछे नहीं छोड़ना: स्वदेशी लोगों और एक नए सामाजिक अनुबंध के लिए आह्वान” अंग्रेजी – “Leaving no one behind: Indigenous peoples and the call for a new social contract” विषय पर केंद्रित होगा, जो सोमवार, 9 अगस्त को सुबह 9 बजे से 11 बजे तक (ईएसटी) आयोजित किया जाएगा।

  4. विश्व आदिवासी दिवस कितने देशों में मनाया जाता है?

    विश्व आदिवासी दिवस प्रत्येक 9 अगस्त को पूरे दुनिया में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र संघ के 193 सदस्य देश है। जिसमे भारत भी प्रमुखता से शामिल है।

  5. विश्व मे आदिवासियों का जनसंख्या कितना है?

    पूरे विश्व में 37 करोड़ आदिवासी समुदाय के लोग रहते है, जो अपनी सभ्यता और रीति-रिवाजों को अपने सीने से लगा कर सदैव चलता रहा है। हड़प्पा संस्कृति और मोहनजोदड़ो की खुदाई में पाये गये बर्तन में आज भी आदिवासी समुदाय के लोग खाना खाते हैं।
    भारत मे आदिवासी का संवैधानिक नाम अनुसूचित जनजाति है। 2011 के जनगणना के अनुसार जिसकी जनसंख्या 10.45 करोड़, जो भारत के जनसंख्या कर 8.6% है। भारत के प्रमुख आदिवासी समुदायों में मुंडा, बोडो, भील, उरांव, लोहार, परधान, खासी, सहरिया, गोंड, खड़िया, हो, संथाल, मीणा, बिरहोर, पारधी, आंध,टोकरे कोली, आंध, मल्हार कोली, टाकणकार इत्यादि है

  6. ग्लोबल वार्मिंग में आदिवासी समुदाय की भूमिका क्या है?

    जिस अनुपात से पूरे विश्व में ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रहा है काफी चिंता का विषय है। प्रकृति के परिवर्तन के वजह से जो परिस्थिति उत्पन्न हुई है यह काफी चिंतनीय है. प्राकृतिक संतुलन को बनाये रखने में आदिवासी समुदाय (Tribal Community) की भूमिका सबसे अहम रही है और आगे भी रहेगी. ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) जैसी चीजों से बचाव आदिवासी समुदाय से बेहतर और कोई नहीं कर सकता है, लेकिन आदिवासी समुदायों के गिरते जीवन स्तर पर भी हमें चिंतन करने की आवश्यकता है।

भारत के किस राज्य में कितने आदिवासी रहते है?

भारत में आदिवासी को संवैधानिक रूप से अनुसूचित जनजाति कहा जाता है। नीचे अनुसूचित जनजाति की राज्यवार जनसंख्या दिया गया है। यह सभी आंकड़ा प्रतिशत में है जो जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के वार्षिक रिपोर्ट 2021-22 के आधार पर है।

आंध्र प्रदेश5.3मिजोरम94.4
अरुणाचल प्रदेश68.8नगालैंड86.5
असम12.4ओडिशा22.8
बिहार1.3पंजाब0
छत्तीसगढ30.6राजस्थान13.5
गोवा10.2सिक्किम33.8
गुजरात14.8तमिलनाडु1.1
हरयाणा0तेलंगाना9.3
हिमाचल प्रदेश5.7त्रिपुरा31.8
जम्मू और कश्मीर (यूटी)10.4उत्तराखंड2.9
झारखंड26.2उतार प्रदेश।0.6
कर्नाटक7पश्चिम बंगाल5.8
केरल1.5अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह7.5
लद्दाख (यूट)79.5चंडीगढ़0
मध्य प्रदेश21.1दमन और दीव और दादरा और नगर हवेली33
महाराष्ट्र9.4दिल्ली0
मणिपुर40.9लक्षद्वीप94.8
मेघालय86.1पुदुचेरी0
भारत के किस राज्य में कितने अनुसूचित जनजाति रहते है?

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आशा है इस आर्टिकल में दी गई जानकारी – विश्व आदिवासी दिवस क्या है? Vishv Adivasi Divas In Hindi आपको पसंद आया है तो अपने दोस्तों, परिचितों, रिस्तेदारों और परिवार को व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर और टेलीग्राम पर शेयर करें और नीचे कमेंट कर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। धन्यवाद

Satish
Satish
सतीश कुमार शर्मा ApnaLohara.Com नेटवर्क के संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ हैं। वह एक आदिवासी, भारतीय लोहार, लेखक, ब्लॉगर और सामाजिक कार्यकर्ता हैं।
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