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यदि बाबा साहब न होते

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यदि बाबा साहब न होते

यदि बाबा साहब न होते | Yadi Baba Sahab Na Hote – गंगा शाह आशु कवि

यदि बाबासाहेब न होते
पिस रहे होते मनुवादी
व्यवस्था की चक्की को
युही जुल्म सहकर
यदि बाबासाहेब न होते

जुल्म सितम का सिलसिला
आज भी जारी रहता
यदि बाबासाहेब मुक्तिदाता न होते
जानवरों से बदतर
गुलामों के गुलाम
बनकर जीवन होता
ये स्वाभीमान ये सम्मान
और ये दौलत न होती
यदि बाबासाहेब न होते।

आज कोई इस देश में
न अछूत राष्ट्रपति होता!
न कोई वंचित अधिकारी बना होता
न मिल पाती भारतवर्ष मे हमे
जीने की आजादी
यदि बाबा साहेब न होते।

लेखक: – गंगा शाह आशु कवि (उत्तराखंड)

Satish
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सतीश कुमार शर्मा ApnaLohara.Com नेटवर्क के संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ हैं। वह एक आदिवासी, भारतीय लोहार, लेखक, ब्लॉगर और सामाजिक कार्यकर्ता हैं।
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