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लोहार समुदाय एक साथ है, अपने संवैधानिक अधिकार के लिए पूरी एकता के साथ लड़ेगा

पटना | (मार्च 13, 2022 रविवार): आज पटना में लोहार समुदाय बिहार (Lohara Community Bihar) का राज्य स्तरीय बैठक हुई है। जिसमे सर्वसम्मति से और एक आवाज में अपने संवैधानिक अधिकार के लिए पूरी एकता के साथ लड़ने की बात हुई है। वह चाहे राजनीति दल के नेता हो, सामाजिक कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन के नेता हो इत्यादि सभी एक साथ है। आगे पढ़िए और नीचे वीडियो देखे

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लोहार समुदाय एकता

क्या है मामला? पिछले महीने में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार के 23 अगस्त 2016 की अधिसूचना को निरस्त कर एक फैसला सुनाया है जिसमे कहा है कि Lohar जाति अनुसूचित जनजाति में नही हैं, ओबीसी है। लेकिन Lohara जाति अनुसूचित जनजाति में बने रहेंगे और उनको ST का सुविधाएं मिलती रहेगी। इस फैसले से लोहार समुदाय काफी निरास है और समाधान हेतु आज पटना में राज्य स्तरीय बैठक हुई है।

लोहार समुदाय का क्या कहना है? लोहार समुदाय का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट हमारे समुदाय के साथ अन्याय किया है। कोर्ट ने एक तरफा फैसला सुनाया है। लोहार समुदाय के बातो को नही सुना गया है। बिहार सरकार जो अधिसूचना जारी किया है वह संवैधानिक रूप से बिल्कुल सही है। राज्य में Lohara समुदाय 1950 से ही अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध है। यह अधिकार हमे बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर ने संविधान में दिया है। लोहार समुदाय आदिम जनजाति है। हम प्राचीन काल से है।

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बिहार लोहार समुदाय मीटिंग

लोहारा नाम का कोई जाति राज्य सहित भारत में कही नही पाई जाती है। लोहार ही Lohara हैं। एथनोग्राफिक रिपोर्ट भी यही कहती है। सुप्रीम कोर्ट ने जिस Lohar शब्द के संबंध में चर्चा किया है वह कमार का उपजाति है जो हम नही है और नही हमे उससे अधिकार मिला है। बिहार सरकार ने भी अति पिछड़ा वर्ग से डिलीट कर चुका है। हम लोग लोहार (Lohara) है, जो संवैधानिक रूप से अनुसूचित जनजाति है।

लोहार समुदाय कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका (Review Petition) में जाएगा। सड़क से सांसद तक आंदोलन कर सरकार पर दबाव बनाने का भी काम करेगा। बिहार में लोहारा कोई जाति नही है, सिर्फ लोहार (Lohara) है, जो अनुसूचित जनजाति है। माननिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने जो हमे अधिकार दिया है वह बिल्कुल सही है। बिहार के पूरा लोहार उनके साथ खड़ा है। बैठक में एक आवाज में छात्र-नौजवान, बड़े-बुजुर्ग, महिलाएं, राजनीति दल, सामाजिक कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन के नेता हुंकार भरी हम एक है और हम अपना संवैधानिक अधिकार के लिए एक साथ लड़ेंगे।

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लोहार समुदाय एक साथ है

बैठक में राजकिशोर ठाकुर, राजकिशोर शर्मा, अमीरीलाल ठाकुर, डॉ सत्यनारायण शर्मा, मनोज कुमार शर्मा, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, सुनील शर्मा, लालन ठाकुर, रामा शंकर शर्मा, सतीश कुमार शर्मा, अवधेश शर्मा, दयानंद विश्वकर्मा, भीम विश्वकर्मा, अरुण कुमार, दिनेश शर्मा, प्रदीप ठाकुर, मनीष कुमार, भोला ठाकुर, अमर विश्वकर्मा, दशरथ शर्मा, राधेश्याम शर्मा, शिव शंकर ठाकुर, विकास लोहार, बबलू कुमार, दिव्यांशु कुमार, महेश शर्मा, दिलीप कुमार, रीना कुमारी, सुनीता देवी, दीपक कुमार, अशोक ठाकुर, रामएकबाल शर्मा, राधेश्याम ठाकुर, इंद्रजीत शर्मा, सुमन ठाकुर, जोखन मिस्त्री, दीपक कुमार शर्मा, रमेश लोहार, महेश्वर शर्मा, सूरज कुमार इत्यादि हजारों की संख्या में लोहार समुदाय के लोग शामिल रहे।

नीचे वीडियो देखे

लोहार समुदाय मीटिंग वीडियो

Satish
Satishhttps://www.apnalohara.com/
सतीश कुमार शर्मा ApnaLohara.Com नेटवर्क के संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ हैं। वह एक आदिवासी, भारतीय लोहार, लेखक, ब्लॉगर और सामाजिक कार्यकर्ता हैं।
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