लोहार शिक्षा केंद्र बाल प्रतिभा सम्मान समारोह 2022 | Lohara Shiksha Kendra Bal Pratibha Samman Samaroh 2022

By Satish
लोहार शिक्षा केंद्र बाल प्रतिभा सम्मान समारोह
लोहार शिक्षा केंद्र बाल प्रतिभा सम्मान समारोह 2022

लोहार शिक्षा केंद्र बाल प्रतिभा सम्मान 2022 | Lohara Shiksha Kendra Bal Pratibha Samman 2022

बिहार (पटना, 20 नवम्बर, 2021) | आदरणीय अभिभावक गण, माताएं बहनें एवं युवा साथियों, बड़े हर्ष के साथ आप सभी को सूचित किया जाता है कि पिछले दो वर्षों (2020 और 2021) की तरह ही आने वाले अगले वर्ष 2022 में "लोहार शिक्षा केंद्र बाल प्रतिभा सम्मान 2022" का आयोजन राज्य स्तर पर ऑनलाइन कांफ्रेंस के द्वारा किया जाएगा और अनुसूचित जनजाति लोहार समुदाय (Scheduled Tribes Lohara Community) बिहार के 10वीं और 12वी में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को नगद पुरस्कार राशि के साथ साथ प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया जाएगा। यह आयोजन 2022 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं के रिजल्ट घोषित होने के बाद आयोजित किया जाएगा।

अतः आप सभी से आग्रह है कि इस संदेश को अपने समुदाय के सभी परिवार तक अवश्य पहुंचाने का कार्य करे ताकि वर्ष 2022 में 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले अपने समुदाय के छात्र छात्राएं अभी से कड़ी मेहनत करें और वार्षिक परीक्षा 2022 में अच्छे अंको से पास होकर अपने परिवार के साथ - साथ लोहार समुदाय का नाम रौशन कर सकें। साथ ही साथ यह पुरस्कार जीत सकें।

आयोजन से संबंधित नियम एवं शर्तें:

  • नियमित सेशन 2022 में पास करने वाले छात्र छात्राएं ही आयोजन में शामिल होने के पात्र होंगे।
  • इस आयोजन का लाभ सिर्फ बिहार बोर्ड से पास छात्र छात्राओं को मिलेगा।
  • इस आयोजन का लाभ सिर्फ बिहार राज्य के अनुसूचित जनजाति (ST) लोहार (LOHARA) समुदाय के छात्र छात्राओं को मिलेगा।
  • आयोजन में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को एक्टिव उपस्थित रहना होगा। ऐसे प्रतिभागी जिनका पुरस्कार के लिए चयन हुआ हो, अगर वे आयोजन के समय उपस्थित नहीं रहते हैं तो ऐसे प्रतिभागियों के स्थान पर पुरस्कार के लिए चयनित प्रतिभागी से कम अंक वाले प्रतिभागी को पुरस्कार दिया जाएगा।

Prize Money For 10th Student

  • 1st Prize: ₹4100
  • 2nd Prize: ₹3100
  • 3rd Prize: ₹2100
  • Consolation Prize For other (Top 10): ₹551

Prize Money For 12th Student

  • 1st Prize: ₹5100
  • 2nd Prize: ₹4100
  • 3rd Prize: ₹3100
  • Consolation Prize For other (Top 10): ₹751

लोहार शिक्षा केंद्र बाल प्रतिभा सम्मान समारोह - 2022 में भाग लेने का प्रक्रिया:

बिहार राज्य के अनुसूचित जनजाति लोहार (LOHARA) समुदाय के वैसे छात्र छात्राएं जो वर्ष 2022 में BSEB से 10वीं और 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण हुए है अगर वे इस आयोजन में भाग लेना चाहते है तो अपना डॉक्यूमेंट् ईमेल आईडी loharashikshakendra@gmail.com पर भेजे।

इस प्रतियोगिता में भाग लेने - वाले सभी छात्र छात्राओं को निम्नलिखित डॉक्यूमेंट का स्कैन/फ़ोटो/पीडीएफ कॉपी ईमेल पर भेजना अनिवार्य है।
  1. मार्कशीट
  2. एडमिट कार्ड
  3. कैंडिडेट या गार्जियन का जाति प्रमाण पत्र
  4. एक्टिव मोबाइल नंबर जिस पर कैंडिडेट या गार्जियन से बात हो सकें।
  5. कैंडिडेट, माता पिता का नाम और घर का पता हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में ताकि उसे प्रमाण पत्र पर सही से लिखा जा सकें।
नोट:- आधी-अधूरी जानकारी / निर्धारित तिथि के बाद / अन्य माध्यमों से भेजा गया डाक्यूमेंट्स और जानकारी पर कोई विचार नही किया जाएगा और नही आयोजक सह व्यवस्थापक उत्तरदायी होंगे।

आयोजन कैसे होगा?:- Zoom App के माध्यम से ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा आयोजित किया जाएगा।

पुरस्कार राशि कैसे भेजा जाएगा?:- पुरस्कार राशि चयनित अभ्यर्थियों के खाता में ऑनलाइन भेजा जाएगा।

प्रमाण पत्र कैसे भेजा जाएगा?:- प्रथम टॉप 3 प्रतिभागियों का प्रमाण पत्र स्पीड पोस्ट से उनके द्वारा दिए गए पते पर भेज जाएगा और बाकी अन्य चयनित प्रतिभागी का डिजिटल प्रमाण पत्र ईमेल के द्वारा भेजा जायेगा।

नोट:- प्रमाण पत्र का प्रिंट आउट निकाल कर अपने माता-पिता / अभिभावक के साथ कम से कम एक फोटो खींच कर लोहार शिक्षा केंद्र के ईमेल आईडी पर भेजना अनिवार्य होगा।

आयोजन का तारीख:- इसके बारे में BSEB Result 2022 Class 10 और 12 आने के बाद जल्द ही आप लोगों को बताया जाएगा।

डॉक्यूमेंट भेजने का अंतिम तिथि और समय:
BSEB Result 2022 Class 10 और 12 आने के बाद जल्द ही आप लोगों को बताया जाएगा।

आयोजक सह व्यवस्थापक:

श्री जय प्रकाश शर्मा, श्री राजेश विश्वकर्मा, श्री संजीव कुमार, श्री अजीत आकाश, श्री श्रवण कुमार, श्री सतीश कुमार शर्मा, श्री धामू शर्मा, श्री अमन कुमार, श्री ए.बी. शर्मा एवं समस्त आदिवासी लोहार समुदाय बिहार।

संपर्क सूत्र: - लोहार जनसंघ बिहार और लोहार शिक्षा केंद्र बिहार। किसी भी अन्य जानकारी हेतु उपर्युक्त ईमेल आईडी पर संपर्क किया जा सकता है।

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रातो रात फेमस हो गया, यह व्यक्ति आखिर क्या कर दिया?, यह कौन हैं?, वायरल हुआ वीडियो

By Satish
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Rakesh Vishwakarma
अपने एक सुप्रसिद्ध कहावत सुना ही होगा - "आवश्यकता आविष्कार की जननी है"। इसके अर्थ है - हमारे जीवन को सुचारू रूप से चलने के लिए जब किसी वस्तु की बहुत जरुरत पड़ती हैं, हम उस विशिष्ट वस्तु के बिना जीवित नहीं रह सकते हैं या हमारा विशिष्ट कार्य पूरा नही हो सकता तो हम उस जरूरत को पूरा करने के समाधान खोजते हैं जिसके परिणामस्वरूप किसी नई वस्तु का आविष्कार होता है।

लेकिन यह पेट्रोल और डीजल के कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण एक नई अविष्कार हुआ है। अविष्कारक का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसे रातो रात कई मिलियन लोगो ने देखा। पढ़िये इस आर्टिकल में आगे की जानकारी कि क्या अविष्कार हुआ है? और यह अविष्कार किसने किया है जिसके वजह से रातो रात फेमस हो गए।

वायरल वीडियो में राकेश विश्वकर्मा जी हैं जो रजईपुर जंगीपुर गाजीपुर उत्तर प्रदेश निवासी हैं। जिनका फूलन पुर में छोटा मोटा एक दुकान है। इनका पास दो दो गाड़िया है। लेकिन पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत के कारण आने जाने में जो खर्च लगता है उसे उठाना मुश्किल है। इसलिए इन्होंने स्वयं से इलेक्ट्रिक-बैटरी वाला साइकिल अविष्कार कर दिया है। जिससे इनको प्रतिदिन 50-60 रुपये को बचत हो जाती है।

इनके इलेक्ट्रिक-बैटरी वाला साइकिल को चलाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर आ गया। जब अपना लोहार फेसबुक पेज पर यह वीडियो अपलोड हुआ तो इतना तेजी से वायरल हुआ कि रातो रात करोड़ो लोगो तक पहुंच गया। जिसे 6 मिलियन यानी कि 60 लाख से अधिक लोगों ने देखा और पसंद किया। साथ साथ जम कर तारीफ भी किया।

इस इलेक्ट्रिक-बैटरी वाला साइकिल का ख़यासियत है - एक बार फुलचार्ज होने के बाद 50 से 60 किलोमीटर चलता है। बैटरी को फुल चार्ज होने में 7-8 घंटे लगता है। इस इलेक्ट्रिक साइकिल का अधिकतम रफ्तार 25 किमी/घंटा है और मोटरसाइकिल की तरह आगे-पीछे लाइट भी लगा हुआ है। इसे चलाने में काफी आरामदेह भी है। इनको बहुत-बहुत धन्यवाद। साथ ही वीडियो रिकॉर्डिंग करने वाले भाई को आभार।

अगर आप भी इस वीडियो को देखना चाहते हैं तो नीचे वीडियो देख सकते हैं और अधिक से अधिक शेयर करे।


सोशल मीडिया पर लोगों का प्रतिक्रिया कुछ इस तरह है:-
आवश्यकता आविष्कार की जननी है। विश्वकर्मा जी को उनकी खोज के लिए साधुवाद। उनको सोशल मीडिया पर परचित कराने के लिए 'अपना लोहार' को धन्यवाद।
- कृष्णा विश्वकर्मा

बहुत ही सराहनीय कदम। विश्वकर्मा समाज को बहुत ही उपेक्षित कर दिया गया है। सच्चाई तो ये है कि विश्वकर्मा समाज आज भी उतना ही कार्यकुशलता है, जितना पहले था। अभियंता का ये जन्मजात गुण है, जिसे सर्वथा उपेक्षा ही मिलती रही, समाज को प्रोत्साहन की जरूरत है और महत्व भी है। उन्हें किसी अभियंता कालेज जाने की जरूरत नहीं पडती है। लेकिन आजकल सर्टिफिकेट के बिना उसकी कार्यकुशलता को तवज्जो नहीं मिलता है। जय बाबा विश्वकर्मा
- इंदु शर्मा
विश्व के निर्माणकर्ता विश्वकर्मा समाज को नमन
- विशाल यादव

जय हो विश्वकर्मा जी की अद्भुत कार्य यह तो जन्मजात से ही हमें ज्ञान और सद्बुद्धि मिली हुई है कि हम कुछ भी कार्य बड़ी आसानी से कर बैठते हैं। परंतु अपना प्रचार प्रसार करने में पीछे रह जाते हैं। इस पर एक बार विचार करना चाहिए तभी विश्वकर्मा समाज का उद्धार होगा।
- हरीश विश्वकर्मा

सरकार के तरफ से ऐसे व्यक्ति को पुरस्कृत करके और दूसरे राज्यों में डालने के लिए सरकार इन से सामंजस्य स्थापित करें और सभी राज्यों में इस मॉडल को विकसित करने के लिए केंद्र खोलें। धन्यवाद बधाई हो
- ननद किशोर निराला
You are great and your work is great
- दिनेश शर्मा
पेट्रोल की बढ़ती कीमत को मद्देनजर रखते हुए यह राकेश जी का सराहनीय कदम है इसके लिए इन्हें हार्दिक बंधाई
- वीरेंद्र सिंह ज्योतिरानंद

हार्दिक शुभकामनाएं। हमारे देश में एक से बढ़कर एक आविष्कारक हैं किंतु उन्हें सही मंच नहीं मिल पाता है जिससे हमारे आविष्कार का मंचन विश्व पटल पर नहीं हो पाता हैं
- संजय सिंह देवखरी

उत्तर प्रदेश सरकार को इन को पुरस्कृत करना चाहिए और इनको उचित सहयोग देकर इनके कार्य को आगे बढ़ाएं
- विनोद शर्मा

भारत एक महान देश है। यहां प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत है उनको आगे बढ़ाने की l हमारे देश की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए सरकार को ऐसे होनहार की मदद करना चाहिए।
दिनेश चौधरी

जय हो विश्वकर्मा समाज की ऐसे ही कलाकार को सरकार सम्मानित करें।
शिव कुमार कश्यप

आपकी एक बेहतरीन सोच एवं आविष्कार को देखा जिसको देखकर मन आनंदित हो गया। आपकी सोच आगे बहुत से ऐसे लोगों को फायदा पहुंचा सकती है जिनके पास गाड़ी मोटरसाइकिल खरीदने के लिए पैसे नहीं। सरकार में बैठे उच्च पदों पर लोगों को चाहिए आपको भरपूर सहयोग देकर आपसे आपकी इस महान सोच अविष्कार को लोगों को फायदा दिलाएं आप की प्रतिभा को मेरा नमन ऐसे लोगों को अगर सहयोग नहीं किया गया यह एक बहुत बड़ी हानि होगी देश की प्रतिभा के प्रति।
- अनूप भाजपाई

जिंदादिल हुनरमंद देश की आन बान शान विश्वकर्मा जी को हृदय से अति अति धन्यवाद जो आपने आम आदमी के लिए इस तरह की युक्ति खोजी अति अति सुंदर वैसे पुनः पुनः स्वास्थ्य मंगल कामना के साथ अनंत अनंत शुभकामनाएं
- योगेंद्र योगी

इन्हें सरकार को पुरस्कृत करने के साथ ही इनकी कला को प्रोत्साहित करना चाहिए.
- राजेश बरनवाल

वाह शानदार प्रयास, बधाई हो।
- यमुना प्रजापति
बहुत-बहुत बधाई हो आपको विश्वकर्मा है तो संसार है
- प्रकाश विश्वकर्मा

Excellent work done. He is a blessed soul.
- रविंद गुलाटी

बहुत ही सराहनीय कार्य किया है
- धीरज सिंह राजपूत
Great technology
- अरविंद कुमार
The great work
- श्याम सुंदर यादव
महंगाई को देखते हुए अच्छा काम किया है,,,चाचा जी को बहुत बहुत बधाई हो।
- डॉ जयप्रकाश वर्मा
युवाओ को सीख लेना चाहिए। आत्मनिर्भर भारत।
- दीपक मोदनवाल गुप्ता
जितनी तारीफ करे काम है आप के कला की जय हो
- दुर्गेश एम मिर्ज़ापुर
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आदिवासी महिला नंगे पैर पहुंची पद्मश्री लेने, पर्यावरण संरक्षण के लिए जनता कर रही है सराहना

By Satish
आदिवासी और प्रकृति एक-दूसरे की परछाई है। अगर प्रकृति को जिंदा रखना है तो आपको आदिवासीयों को जिंदा रखना होगा और आदिवासीयों को जिंदा रखना है तो उन्हें प्रकृति के साथ ही जीने देना होगा।

दोस्तों, 21वीं सदी में हम ऐसे दैर से गुजर रहे कि जिस प्रकृति ने हम सब को बनाया उसी प्रकृति को आज कुछ लालची लोगो ने व्यापार बना दिया है।

प्रकृति में ऐसी कोई वस्तु नहीं जिसका मानव ने व्यापार न किया हो यहाँ तक हवा और पानी का भी आज व्यापार हो रहा हैं।

उसका यही लालच आज समस्त मानव जाति एवं सजीव प्राणी के लिए विनाशकारी बनकर पूरी दुनिया में करोड़ो लोगों की जान ले चुका है और ले रही है।

लेकिन प्रकृति संतुलन बनाये रखने के लिए हर चीज पर नजर रखती है - एक तरफ प्रकृति विनाशकारी है तो दूसरी तरफ प्रकृति रक्षक भी है।

इस आर्टिकल में एक ऐसे प्रकृति रक्षक के बारे में जानेंगे जो वास्तविक में सैलूट के काबिल है और प्रेरणा भरी जीता जागता हैं। जिनका तस्वीर सोशल मीडिया और इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जंगलों की इनसाइक्लोपीडिया, jangalon ki inasaiklopeediya, encyclopedia of forests
तुलसी गौड़ा पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित
तस्वीर में जो नंगे पैर भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द (Ramnath Kovind) जी से भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मश्री ले रही हैं - यह कर्नाटक की 72 वर्षीय आदिवासी महिला तुलसी गौड़ा (Tulsi Gowda) ‘जंगलों की एनसाइक्लोपीडिया’ के रूप में प्रख्यात हैं।

इनको यह पुरस्कार प्रकृति का रक्षण करने के लिए दिया गया है। इन्होंने करीब 1 लाख से अधिक पेड़ों को लगाया है और उसका जतन किया है। इसलिए इन्हें 08 नवंबर 2021 को भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से सम्मानित किया जा रहा है।

उनके पद्मश्री लेने पहुंची तो बदन पर पारंपरिक पोशाक धोती थी और नंगे पैर थीं। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह भी उनकी उपलब्धि का सम्मान करते हुए उन्हें नमस्कार किया।

सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर जनता में खूब पसंद हो रहा है और पर्यावरण की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना कर रही है।

इससे पहले उन्हें 'इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्ष मित्र अवॉर्ड', 'राज्योत्सव अवॉर्ड' और 'कविता मेमोरियल' जैसे कई अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

उन्होंने कभी स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं की, लेकिन पौधों और जड़ी-बूटियों की विविध प्रजातियों पर उनके विशाल ज्ञान रखती है इसलिए उन्हें 'जंगलों की इनसाइक्लोपीडिया' के रूप में जाना जाता है।

आगे पढ़िए - राज वसावा (आदिवासी एक्टिविस्ट) साहब आदिवासी दर्शन पर लिखते है:-

प्रकृति का जतन करना आदिवासी समुदाय (Tribal Community) का संस्कृति है। इसलिए ही दुनिया के सभी देशों के संगठन युनो ने आदिवासी जिवन शैली अपनाने के लिए अपील की है।

प्रकृति की रक्षा और जतन करने के लिए पढे-लिखे होना जरूरी नहीं है। बस आपके दिल मे भावना होनी जरूरी है।

आदिवासी और प्रकृति एक-दूसरे की परछाई है। अगर प्रकृति को जिंदा रखना है तो आपको आदिवासीयों को जिंदा रखना होगा और आदिवासीयों को जिंदा रखना है तो उन्हें प्रकृति के साथ ही जीने देना होगा।

केंद्र सरकार जितना जल्दी यह समझ ले उतना ही अच्छा भारत के लिए होगा। विकास की अंधी दौड़ मे लाखों आदिवासीयों को जंगल, पहाड, नदीयो से बेदखल किया जा रहा है। जो की बहुत दुख की बात है। जिसका नतीजा सिर्फ और सिर्फ बर्बादी ही है।

तुलसी गोवडा जी को पद्मश्री पुरस्कार मिलने पर जोहार बधाईयाँ एवं शुभकामनाएं।
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